डेविड मैसन की पाँच कवितायें

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    मार्च : 2015
श्रेणी डेविड मैसन की पाँच कवितायें
संस्करण मार्च : 2015
लेखक का नाम अनुवाद : कल्पना सिंह चिटणीस


Light dazzles from the grass
over the carnal dune,
This too shall come to pass,
but will it happen soon?

A kite nods to its string.
A cloud is happening
above the tripping waves,
joined by another cloud.

They are a crowd that moves.
The sky becomes a shroud
cut by a blade of sun.
There’s nothing to be done.

The soul, if there’s a soul
moves out to what it loves,
whatever makes it whole.
The sea stands still and moves,

denoting nothing new,
deliberating now.
The days are made of hours,
hours of instances.
and none of them are ours.
The sand blows through the fences.
Light darkens on the grass.
This too shall come to pass.

समुद्री नमक

घास से उठती आभा चमकती है
सांसारिकता की ढूह पर।
विलीन हो जायेगी यह भी,
पर क्या होगा यह सब शीघ्र?

एक पतंग धागे को सिर हिलाती है।
एक बादल बुनता है
उठती-गिरती लहरों के ऊपर,
दूसरे बादल से जुड़ते हुए।

वे सब एक हुजूम की तरह आगे बढ़ते हैं,
और आसमान एक क$फन बन जाता है
सूरज के उस्तरे से कट कर।
उसके बाद, कुछ भी करने को बाकी नहीं।

आत्मा, अगर सच में कोई आत्मा है,
उन्मुख होती है प्रेम की तरफ,
और जो भी उसे करता है संपूर्ण
सागर अचल, उद्वेलित होता है

विचार-मंथन करता हुआ
नया कहने को कुछ नहीं।
दिन बना घंटों से,
घंटे क्षणों से,

पर इनमें से भी कोई अपना नहीं।
रेतीली हवा बाड़ों से होकर गुजरती है,
घास की आभा मंद होती है
पर यह भी तो क्षणभंगुर।


Every meal a communion
The uninvited dead are here.
Do they miss the taste of wine
or the flickering glare

of the candle in the window?
I remember some of their names.
Their appetites are hollow.
They crowd like moths to the flame

but the poor things cannot burn.
Light-headed in this company,
I look at them all in turn.
The Greeks would call this kefi,

ineffable, weightless, tuned
to the conversations of the night
with or without a moon.
O everything’s all right.

It’s kefi-coffee would wreck it,
or too much wine, but a song
if I can remember it
will carry us along.


हर भोजन एक सहभोज है।
बिन बुलाई आत्माओं के साथ।
क्या मदिरा का स्वाद
आज भी है उन्हें याद

या खिड़की पर कांपती मोमबत्ती की रोशनी?
मुझे उन में से कुछ के नाम याद है।
उनकी भूख खोखली है।
और वे पतंगों की तरह जलती हुई रोशनी के इर्द-गिर्द जमा होते हैं

पर वे बेचारे जल भी नहीं सकते।
इनकी शागिर्दी और अपनी खुमारी में,
मैं इन सब को एक-एक कर देखता हूँ।
ग्रीक इसे कैफ़ी (Kefi) कह कर बुलाएंगे,

अवर्णीय, गुरुत्वता से हीन
रात के साथ ये गु$फ्तगू
चाँद, और बिना चाँद के।
ओ, पर सब सब ठीक है।

यह कैफ़ी है,कॉफी से भाग जायेगी,
या ढेर सारी शराब से
और एक गीत अगर मुझे हो सके याद
तो वह हमें साथ ले जायेगी।

Prayer to the Air

Teach me to breathe, that I know I am not drowning
Teach me to break like lightning-scalded tree.
Teach me to love that love is never owning.
Teach me. Teach me.

I am the stain of blood spilled on the glacial snow.
I am the ashes washed by rain from the scree.
I am the trembling man who kneels for hours below.
Teach me. Teach me.

I have taken the knife coldly to some I love.
I have Killed beauty, allowing beauty to be
before the fear could kill me. Storms above,
Teach me. Teach me.

हवा से एक प्रार्थना

मुझे सांस लेना सिखाओ, ताकि मुझे अहसास हो कि मैं डूब नहीं रहा।
वज्रपात से आहत वृक्ष की तरह मुझे टूटना सिखाओ।
सिखाओ मुझे प्रेम करना जो स्वामित्वता से मुक्त हो।
सिखाओ। मुझे सिखाओ।

मैं बर्फ़ पर गिरे खून के एक धब्बे की तरह।
मैं बारिश में बहे छाई की राख।
मैं अपने घुटनों पर घंटो गिरा कांपता हुआ एक मनुष्य।
सिखाओ। मुझे सिखाओ।

Driving With Marli

Grandpa, do you live in the sky?
No, but I live on a mountain
and came on a plane to see you.
All leaping thought and ruminant pool,
a three-year-old is a verbal fountain,
water clear enough to see through.
Anything can fool
the wizard in the front seat of the car.
How far will we go, Grandpa? How far?

Little one, I must re-learn
all subjects such as distances,
study the foolishness and burn
like candlelight to worry less and less
about the night.
It’s not that youth is always right
but that an aging man
is too preoccupied with plans.
I do live in the sky,
but I do not know why.

मार्ली के साथ कार-यात्रा

दादाजी क्या आप आसमान में रहते हैं?
नहीं, मैं एक पहाड़ पर रहता हूँ
और हवाई जहाज से तुम्हें देखने आया हूँ।
उछलती-कूदती सोचें, और ध्यानमग्न तालाब,
यह तीन वर्षीय भी एक मुखर जलप्रपात है
जिसके पानी में साफ़-साफ़ देखा जा सकता है।
और सामने की सीट पर बैठे एक प्रवीण मनुष्य को
कोई भी चीज़ मूर्ख बना सकती है।
दादाजी, अभी हमें कितनी दूर जाना है? कितनी दूर?

नन्हीं बिटिया, यह तो मुझे अब फिर से जानना है
सारे विषय जैसे कि दूरी,
मूर्खता का अध्ययन करना है,
और जलना है मोमबत्ती की तरह
रात की चिंता कम से कम करते हुए।
ऐसा नहीं कि युवा अवस्था की सोच हमेशा सही होती है
यह तो ऐसा है कि प्रौढ़ावस्था की तरफ अग्रसर मनुष्य
आगे की व्यवस्था में कुछ ज्यादा ही चिंतामग्न हो जाता है।
मैं आसमान मे रहता हूँ,
पर मालूम नहीं क्यों।

A Thorn in the Paw

Once I was a young dog with a big thorn
in its paw, slowly becoming that very thorn,
not the howl but the thing
howled at, importunate, printing in blood.

Others grew up with chrism, incense, law,
but I was exiled from the start to stare
at lightning hurled from the sky
into a lake that revealed only itself.

Others had pews and prayer-shawls, old fathers
telling them when to kneel and what to say.
I had only my eyes
my tongue my nose my skin and feeble ears.

Dove of descent, fat worm of contention,
bogeyman, Author-I can’t get rid of you
merely by hating the world
when people behave at their too-human worst.

Birds high up in their summer baldachin
obey the messages of wind and leaves.
Their airy hosannas
can build a whole day out of worming and song.

I’ve worked at the thorn, I’ve stood by the shore
of the marvelous, drop-jawed and jabbering.
Nobody gave me a god
so I perfect my idolatry of doubt.

पंजे में एक कांटा

एक समय मैं एक छोटा सा कुत्ता था, अपने पंजे में चुभे एक बड़े कांटे
                                                            के साथ
जो धीरे-धीरे स्वयं एक कांटे में परिवर्तित हो गया,
भूंक में नहीं, पर उस चीज में,
जिसपर भौंका जाए, दुराग्रही, लहू से मुद्रित।

वे पवित्र-विलेपन, सुगन्धित धूप और नियम से बड़े हुए,
पर मैं रहा निर्वासित आरम्भ से ही
कड़कती बिजली को आसमान से झील में गिरते हुए देखने के लिए
जिसने केवल स्वयं को ही उद्घाटित किया।

उनके पास गिरजा में बैठने के आसन, प्रार्थना के चादर थे
और वृद्ध पादरी यह बताने के लिए कि वे कब अपने घुटने टेकें और
                                                        क्या कहें।
पर मेरे पास सिर्फ मेरी आँखें,
जिह्वा, नाक, त्वचा और दुर्बल कान।

पतन के कपोत, कलह के स्थूल कीड़े,
बैताल, रचनाकार-जब इंसान अपनी असीम लघुता पर उतर जाता है
तो सिर्फ दुनिया से घृणा कर के ही
मैं तुमसे मुक्ति नहीं पा सकता।

परिंदे गर्मी में अपने सायबान के ऊपर
बयार और पत्तों की आज्ञा का पालन करते हैं।
हिलोरे लेते उनके मंत्र जाप
घुड़मुड़ाहट और गीत को लेकर एक सारा दिन बुन सकते हैं।

मैंने कांटे की सेवा कर ली है, और भव्यता के तट पर खड़ा हूँ,
विस्मित और बक-बक करता हुआ।
किसी ने भी मुझे ईश्वर की राह नहीं दिखाई
अत: संशय के मूर्तिपूजन में ही मैंने निपुणता हासिल कर ली है।


डेविड मेसन की अनूदित कवितायें उनके काव्य संग्रह ''सी साल्ट'' (समुद्री नमक) से ली गई हैं।

''पोएट लॉरिएट ऑफ कोलोराडो'' से विभूषित डेविड मेसन अमेरिका के सुप्रसिद्ध कवि और निबंधकार हैं। इनके प्रमुख काव्य संग्रहों में से ''सी साल्ट'', ''द बरिड हाउस'' ''द कंट्री आई रिमेम्बर'' और ''अराइवल्स'' उल्लेखनीय हैं। इनके काव्य-उपन्यास ''लडलो'' को 2007 में ''कोलोराडो बुक अवार्ड'' मिला। 2010 में इनका निबंध-संग्रह ''द पोएट्री ऑफ़ पोएट्री'' तथा एक संस्मरण ''न्यूज़ फ्रॉम द विलेज'' प्रकाशित हुआ, तथा 2011 में एक और निबंध-संग्रह ''टू माइंडस ऑफ़ द वेस्टर्न पोएट'' का प्रकाशन हुआ। एक समय Fulbright Fellowship पर ग्रीस गए डेविस मेसन आज कोलोराडो और ओरेगन में रहते हैं, तथा कोलोराडो कॉलेज में अध्यापन का कार्य करते हैं।

डेविड मेसन की अंग्रेजी कविताओं का हिंदी में अनुवाद कल्पना सिंह-चिटनीस के द्वारा किया गया है। अमेरिका में बसी कल्पना सिंह-चिटनीस भारतीय मूल की द्विभाषीय कवियत्री, फिल्म निर्देशिका और ''लाइफ एंड लेजेंड्स'' मैगज़ीन की प्रमुख सम्पादिका हैं। कल्पना सिंह-चिटनिस फ्रांस की मैगज़ीन ''लेवोर लिटरेरी'' की भी सहयोगी सम्पादिका हैं, तथा इनके काव्य संग्रहों में ''चाँद का पैबन्द'', ''तफ्तीश जारी है'', ''निशांत'' अंग्रेजी काव्य-संग्रह ''बेयर मोल'' का नाम उल्लेखनीय है। कल्पना सिंह-चिटनीस ने कई भारतीय कवियों जैसे केदारनाथ सिंह, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, हरेप्रकाश उपाध्याय तथा अन्य कवियों की कविताओं का हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद किया है।